✨ जय श्री राम | ॐ सिया रामाय नमः | जय हनुमान ✨
🕉️ दरबार में सुबह-शाम नि:शुल्क ऑनलाइन सत्संग होता है  ✦  हर मंगलवार और शनिवार को "संपूर्ण हनुमान भक्ति विधि" का पाठ किया जाता है  ✦  यहाँ सच्ची भक्ति और साधना का महत्व सिखाया जाता है  ✦  श्री बजरंग दास जी को साक्षात हनुमान जी के दर्शन हुए 🕉️
Shri Ram Ji
जय श्री राम

श्री राम स्तुति

॥ श्री रामचन्द्र कृपालु भज मन ॥

श्री रामचन्द्र कृपालु भज मन, हरण भवभय दारुणम्।
नवकंज लोचन, कंज मुख, कर कंज, पद कंजारुणम्॥

कंदर्प अगणित अमित छवि, नवनील नीरद सुन्दरम्।
पट पीत मानहु तडित रुचि शुचि, नौमि जनक सुतावरम्॥

भजु दीनबंधु दिनेश दानव, दैत्यवंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंदकंद कौशल, चंद दशरथ नंदनम्॥

सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु, उदारु अंग विभूषणम्।
आजानुभुज शरचाप-धर, संग्राम-जित-खरदूषणम्॥

इति वदति तुलसीदास शंकर, शेष मुनि-मन-रंजनम्।
मम हृदय कंज निवास कुरु, कामादि खल-दल-गंजनम्॥

मनु जाहिं राचेउ मिलिहि सो, बरु सहज सुन्दर साँवरो।
करुना निधान सुजान सीलु, सनेहु जानत रावरो॥

एहि भाँति गौरी असीस सुनि, सिय सहित हियँ हरषीं अली।
तुलसी भवानिहि पूजि पुनि पुनि, मुदित मन मन्दिर चली॥

॥ सोरठा ॥

जानी गौरी अनुकूल सिय हिय, हरषु न जाइ कहि।
मंजुल मंगल मूल वाम, अङ्ग फरकन लगे॥